गुरुवार, 6 सितंबर 2012

gam gharak log

ओना त हमर सासु गामे में रहैत छथिन. कहियो कल तीर्थ -वर्त के क्रम में दस -पंद्रह दिनक लेल अबैत छथिन .मुदा किछुए दिन बाद हुनका गाम जाए लेल छटपटाबय लागैत छनि. किएक त हुनकर गामक असार-पसार ,अचार -अदौड़ीक ,काज मोन पड़ लागैत छनि . कहितो छथिन . कनिया ये ,हमरा सबके अपने ठाम पर अधिक मोन लागैत अछि. ओहि ठाम हम भरि दिन व्यस्त रहैत छी . सही बात छैक ,ओतय मंदिर-पोखरि,पूजा -पाठ ,फूल लोढनाइ ........इत्यादि छोटकी कनिया भानस नहिओ करय दैत छथिन तैयो किछु ओरियन पाती ,सागे बिछ नाइ ,सजमनि बनेनाइ ,यैह करैत छथिन .दिन कोन बाते बीत जीत छैक ,नहि बुझाइत छैक अहि ठाम आहां के छोट गृहस्थी ,गैस परका भानस .ओ ने हमरा कहिओ ओरियैत आ ने आहां सब हमरा किछु करय देब .तखन ल द क टी .भी . से कत्ते देखू ?गप्पे कत्ते करू ? तैं , हमरा अपन ठाम पर रहय दैत जाऊ . परुका होली में जे गाम गेल छलियैक त छोटकी कनिया बाजलखिन ,माय के कहिओ काल घुरमा लगी जैत छनि .कतबो मना करैत छियनि ओ भोरे अन्हारे फूल लोधय लै चलिए जैत छथिन .हम सब अंदाज केलियैक जे हुनका सुगर बढ़ी गेल हेतनि अथवा ब्लड -प्रेशर के शिकायत भ गेल छनि . जे हुए हुनका एखन डेरा पर ल अन्लियनी ,आब देखा चाही ओ कतेक दिन टिकैत छथि .

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें